आज के समय में लोग सिर्फ बचत नहीं बल्कि अपने पैसे को बढ़ाने के तरीके भी ढूंढ रहे हैं। ऐसे में म्युचुअल फंड एक अच्छा विकल्प बनकर सामने आया है। LIC म्युचुअल फंड की कुछ स्कीमें पिछले 5 साल में निवेशकों के लिए अच्छा रिटर्न देने में सफल रही हैं। इन स्कीमों में निवेश करने वाले लोगों का पैसा धीरे-धीरे बढ़ा और अब इन्हें सालाना लगभग 12 से 16 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलता दिख रहा है। खास बात यह है कि यह बढ़त एक-दो दिन में नहीं बल्कि लंबे समय तक धैर्य रखने से मिली है।
LIC म्युचुअल फंड में निवेश क्यों भरोसेमंद माना जाता है
LIC भारत का जाना-पहचाना नाम है और लोग इसे भरोसे के साथ जोड़कर देखते हैं। LIC म्युचुअल फंड की स्कीमें शेयर बाजार से जुड़ी होती हैं, लेकिन इन्हें अनुभवी लोगों द्वारा संभाला जाता है। इसका मतलब यह है कि पैसा सोच-समझकर अलग-अलग अच्छी कंपनियों में लगाया जाता है। इसी वजह से समय के साथ निवेश में उतार-चढ़ाव के बावजूद अच्छा फायदा मिलने की संभावना बनी रहती है। जिन लोगों ने 5 साल पहले इन स्कीमों में निवेश किया, उन्होंने आज अपने पैसे को बढ़ते हुए देखा है।
पहली स्कीम: LIC इक्विटी फंड जैसी योजना
इस तरह की स्कीम में पैसा सीधे बड़ी और मजबूत कंपनियों के शेयरों में लगाया जाता है। जब कंपनियां आगे बढ़ती हैं, तो निवेशकों का पैसा भी बढ़ता है। पिछले 5 साल में इस तरह की LIC स्कीम ने करीब 14 से 16 प्रतिशत तक का औसत सालाना रिटर्न दिया है। अगर किसी व्यक्ति ने लंबे समय के लिए निवेश किया और बीच में घबराकर पैसा नहीं निकाला, तो उसे अच्छा लाभ मिला है। यह स्कीम उन लोगों के लिए ठीक मानी जाती है जो थोड़ा जोखिम लेकर ज्यादा रिटर्न चाहते हैं।
दूसरी स्कीम: LIC इंडेक्स फंड से जुड़ी योजना
इस स्कीम में पैसा सीधे बाजार के बड़े इंडेक्स की कंपनियों में लगाया जाता है। इसमें बहुत ज्यादा खरीद-बिक्री नहीं होती, इसलिए खर्च भी कम रहता है। पिछले 5 साल में इस तरह की LIC स्कीम ने करीब 12 से 14 प्रतिशत तक का सालाना रिटर्न दिया है। यह स्कीम उन लोगों के लिए सही मानी जाती है जो बाजार के साथ चलना चाहते हैं और बहुत ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते। धीरे-धीरे पैसा बढ़ाने के लिए यह एक सरल विकल्प है।
तीसरी स्कीम: LIC हाइब्रिड या बैलेंस्ड फंड जैसी योजना
इस स्कीम में पैसा दो जगह लगाया जाता है, एक हिस्सा शेयर बाजार में और दूसरा हिस्सा सुरक्षित साधनों में। इससे जोखिम थोड़ा कम हो जाता है। पिछले 5 साल में इस तरह की स्कीम ने करीब 12 से 13 प्रतिशत तक का सालाना रिटर्न दिया है। यह स्कीम उन लोगों के लिए अच्छी मानी जाती है जो स्थिरता चाहते हैं और बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं। इसमें धीरे लेकिन सुरक्षित तरीके से पैसा बढ़ता है।
5 साल में निवेश कितना बढ़ सकता है, एक आसान उदाहरण
नीचे दिए गए उदाहरण से समझ सकते हैं कि लंबे समय में निवेश कैसे बढ़ता है।
| निवेश राशि | समय | औसत सालाना रिटर्न | लगभग मिलने वाली राशि |
|---|---|---|---|
| 1,00,000 रुपये | 5 साल | 14% | करीब 1,92,000 रुपये |
यह आंकड़ा केवल समझाने के लिए है, असली रिटर्न बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।
निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखें
म्युचुअल फंड में फायदा पाने के लिए धैर्य बहुत जरूरी है। बाजार कभी ऊपर जाता है तो कभी नीचे आता है, लेकिन लंबे समय में अच्छे फंड अपना असर दिखाते हैं। छोटी अवधि में घबराकर पैसा निकालने से नुकसान हो सकता है। इसलिए निवेश से पहले अपने लक्ष्य और समय को समझना जरूरी है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। म्युचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती और समय के साथ रिटर्न कम या ज्यादा हो सकता है। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और सभी जरूरी कागजात ध्यान से पढ़ें।