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HDFC Loan EMI: 4, 5, 6 सालों के लिए 3 लाख का लोन लिया तो कितनी बनेगी EMI? समझिए पूरा कैलकुलेशन

आज के समय में जब अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो बैंक से लोन लेना आम बात हो गई है। बहुत से लोग HDFC बैंक से पर्सनल लोन लेते हैं क्योंकि बैंक जल्दी लोन देता है और EMI का विकल्प भी आसान होता है। लेकिन लोन लेने से पहले सबसे जरूरी बात यह समझना होता है कि हर महीने कितनी EMI देनी होगी। अगर आपने 5 लाख रुपए का लोन लिया और उसे 3 साल, 4 साल या 5 साल में चुकाने का प्लान बनाया, तो आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा, यह जानना बहुत जरूरी है। इसी को आसान भाषा में यहां पूरा समझाया गया है।

EMI क्या होती है और क्यों जरूरी है समझना

EMI का मतलब होता है हर महीने दिया जाने वाला पैसा। इसमें लोन का कुछ हिस्सा और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। जब आप लोन लेते हैं, तो बैंक आपको पूरी रकम एक साथ दे देता है, लेकिन आप उसे हर महीने थोड़ा-थोड़ा करके चुकाते हैं। यही EMI कहलाती है। अगर EMI ज्यादा होगी, तो आपकी महीने की कमाई पर असर पड़ेगा और अगर कम होगी, तो लोन ज्यादा समय तक चलेगा और ब्याज ज्यादा देना पड़ेगा। इसलिए सही समय चुनना बहुत जरूरी होता है।

HDFC बैंक से 5 लाख का लोन कैसे मिलता है

HDFC बैंक अपने ग्राहकों को पर्सनल लोन, बिजनेस लोन और अन्य तरह के लोन देता है। 5 लाख रुपए का पर्सनल लोन आम तौर पर नौकरीपेशा या खुद का काम करने वाले लोगों को मिल जाता है, अगर उनकी आमदनी ठीक हो और पहले का रिकॉर्ड सही हो। बैंक लोन पर ब्याज लेता है, जो समय और ग्राहक की प्रोफाइल के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। यहां समझाने के लिए हमने एक सामान्य ब्याज दर को आधार माना है, ताकि आपको EMI का अंदाजा लग सके।

5 लाख के लोन पर EMI कैसे निकाली जाती है

EMI निकालने के लिए तीन चीजें जरूरी होती हैं। पहली, लोन की रकम, यानी यहां 5 लाख रुपए। दूसरी, ब्याज दर, और तीसरी, लोन का समय। समय जितना ज्यादा होगा, EMI उतनी कम होगी, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ेगा। समय कम होगा, तो EMI ज्यादा होगी, लेकिन ब्याज कम लगेगा। इसी बात को नीचे उदाहरण से समझाया गया है।

3 साल के लिए 5 लाख का लोन लेने पर EMI

अगर आप 5 लाख रुपए का लोन 3 साल यानी 36 महीने के लिए लेते हैं, तो आपकी EMI थोड़ी ज्यादा बनेगी। इसका फायदा यह है कि आप जल्दी लोन से मुक्त हो जाएंगे और ब्याज भी कम देना पड़ेगा। जो लोग महीने की अच्छी कमाई करते हैं और जल्दी लोन खत्म करना चाहते हैं, उनके लिए 3 साल का विकल्प सही माना जाता है। हालांकि EMI ज्यादा होने के कारण महीने का बजट थोड़ा टाइट हो सकता है।

4 साल के लिए 5 लाख का लोन लेने पर EMI

अगर आप EMI को थोड़ा कम करना चाहते हैं, तो 4 साल यानी 48 महीने का समय चुन सकते हैं। इसमें EMI 3 साल के मुकाबले कम हो जाती है। यह उन लोगों के लिए ठीक रहता है जो बहुत ज्यादा EMI का दबाव नहीं चाहते, लेकिन लोन को ज्यादा लंबा भी नहीं खींचना चाहते। इसमें ब्याज थोड़ा ज्यादा देना पड़ता है, लेकिन महीने का बोझ संतुलित रहता है।

5 साल के लिए 5 लाख का लोन लेने पर EMI

5 साल यानी 60 महीने का समय चुनने पर EMI सबसे कम हो जाती है। यह विकल्प उन लोगों के लिए अच्छा होता है जिनकी महीने की आमदनी सीमित होती है या जिन पर पहले से कुछ खर्चे चल रहे होते हैं। हालांकि इसमें कुल ब्याज सबसे ज्यादा देना पड़ता है क्योंकि लोन लंबे समय तक चलता है। इसलिए EMI कम होने के साथ-साथ यह भी समझना जरूरी है कि कुल खर्च बढ़ जाएगा।

5 लाख के लोन की EMI का अनुमान

नीचे दी गई टेबल में एक सामान्य ब्याज दर के आधार पर अनुमानित EMI दिखाई गई है, ताकि आपको समझने में आसानी हो। असली EMI बैंक की ब्याज दर के हिसाब से थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है।

लोन अवधिअनुमानित EMIकुल भुगतान
3 साललगभग ₹16,600लगभग ₹5.98 लाख
4 साललगभग ₹13,200लगभग ₹6.33 लाख
5 साललगभग ₹10,900लगभग ₹6.55 लाख

इस टेबल से साफ समझ आता है कि जैसे-जैसे समय बढ़ता है, EMI कम होती जाती है, लेकिन कुल भुगतान बढ़ जाता है।

कौन सा विकल्प आपके लिए सही है

अगर आपकी महीने की कमाई अच्छी है और आप ब्याज कम देना चाहते हैं, तो 3 साल का विकल्प सही रहेगा। अगर आप संतुलन चाहते हैं, तो 4 साल का समय ठीक माना जा सकता है। वहीं अगर आप कम EMI चाहते हैं और महीने का खर्च आराम से चलाना चाहते हैं, तो 5 साल का विकल्प चुन सकते हैं। लोन लेने से पहले हमेशा अपनी आमदनी, खर्च और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखें।

EMI समय पर न देने पर क्या होता है

अगर आप EMI समय पर नहीं देते हैं, तो बैंक जुर्माना लगा सकता है और आपका रिकॉर्ड भी खराब हो सकता है। इससे आगे चलकर लोन लेना मुश्किल हो सकता है। इसलिए EMI हमेशा समय पर देना बहुत जरूरी है। लोन लेने से पहले यह जरूर सोचें कि आप हर महीने EMI आराम से दे पाएंगे या नहीं।

लोन लेने से पहले क्या ध्यान रखें

लोन लेते समय सिर्फ EMI ही न देखें, बल्कि कुल कितना पैसा वापस देना होगा, यह भी समझें। साथ ही यह भी देखें कि कहीं कोई अतिरिक्त चार्ज तो नहीं है। सही जानकारी लेकर ही लोन लेना समझदारी होती है, ताकि आगे चलकर परेशानी न हो।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें बताई गई EMI और ब्याज दर केवल उदाहरण के लिए हैं। वास्तविक EMI HDFC बैंक की शर्तों, ब्याज दर और आपकी प्रोफाइल के अनुसार अलग हो सकती है। लोन लेने से पहले बैंक की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें और जरूरत हो तो किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

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